मुंबई।। मुंबई के mmrda ( मरदा ) मैदान में अन्ना हजारे के अनशन के लिए किराये में छूट की जागृति मंच की याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है।

हाई कोर्ट ने कहा कि यह mmrda के ऊपर है कि वह टीम अन्ना को किराए में रियायत देती है या नहीं। उधर, इस फैसले के बाद अन्ना हजारे ने कहा कि वह पूरा किराया चुकाकर इसी मैदान में अनशन करेंगे।

अन्ना हजारे ने कहा कि चंदा जमा कर मैदान का किराया चुकाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई लोग चंदा देने के लिए तैयार हैं। अन्ना हजारे ने कहा कि स्वयंसेवकों को इस मामले पर कोर्ट नहीं जाना चाहिए था।

इससे पहले टीम अन्ना का बॉम्बे हाई कोर्ट जाने का दांव उल्टा पड़ गया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टीम अन्ना को निराश करते हुए कहा कि अगर आप अनशन करना चाहते हैं तो किराया देकर कर लीजिए।

हाई कोर्ट ने टीम अन्ना से पूछा कि अगर रामलीला मैदान उपलब्ध है, तो आप वहां अनशन क्यों नहीं करते ? अदालत ने यह भी सवाल किया कि क्या आपके आंदोलन का संसद के कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा ? उसने कहा कि जिस समय संसद लोकपाल बिल पर विचार कर रही है उस समय इसके के लिए समानांतर प्रचार करने को अनुमति नहीं दी जा सकती।

टीम अन्ना ने एमएमआरडीए मैदान के लिए 3.5 लाख रुपये प्रति दिन के किराये को अधिक बताते हुए इस मामले में प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर टीम अन्ना ने बॉम्बे हाई कोर्ट से मुफ्त में मैदान दिलाने की अपील की थी।


कोर्ट ने टीम अन्ना से कहा है कि वह इस मामले में नहीं पड़ना चाहता। यह लोकतांत्रिक देश है और सबको अपने तरीके से विरोध करने का हक है , लेकिन वह सरकार से मुफ्त में अनशन के लिए जगह नहीं दिला सकता है। टीम अन्ना का कहना था कि वह देशहित के लिए आंदोलन कर रही है , ऐसे में उससे किराया मांगा जाना जायज नहीं है।
दूसरी तरफ , दिल्ली पुलिस ने टीम अन्ना को रामलीला मैदान में 27 से 31 दिसंबर तक के अनशन की इजाजत दे दी है। जिस वक्त अन्ना मुंबई में अनशन पर बैठेंगे टीम अन्ना के कई सदस्य और समर्थक दिल्ली में अनशन पर बैठेंगे। टीम अन्ना ने जंतर-मंतर पर भी धरने की इजाजत मांगी है।