इस्लामाबाद।। अमेरिकी हमले में मारे गए अल-कायदा चीफ ओसामा-बिन लादेन की तीनों विधवाएं सात महीने तक हिरासत में रहने के बाद जल्द ही पाकिस्तान छोड़ सकती हैं।

अमेरिकी नेवी सील के हमले के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दो सऊदी तथा एक यमन की रहने वाली तीन महिलाओं को हिरासत में लिया था। तीनों ओसामा की विधवाएं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ओसामा ऐबटाबाद स्थित उस घर में छह साल से रह रहा था।

पाकिस्तानी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने 'एबीसी' न्यूज को बताया कि तीनों महिलाओं को करीब एक महीने पहले ही पाकिस्तान छोड़ने की मंजूरी मिल गई है। सऊदी अरब के अखबार अल-हयात के मुताबिक देश ने हाल ही में ओसामा की दो पत्नियों खैरिया सबर और सिहम सबर को पुन: नागरिकता प्रदान की है।

' द गाडिर्यन अखबार' के मुताबिक ओसामा की तीसरी पत्नी अमल अहमद अब्दुल फतह, जो यमन
की निवासी है, के कतर जाने की संभावना है। दो पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस घोषणा पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ है लेकिन उन्होंने चिंता जताई है कि ओसामा की विधवाओं को इतनी जल्दी स्वदेश भेजना ठीक नहीं होगा।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि उन्हें महिलाओं से केवल एक बार बात करने का मौका मिला। उस दौरान उम्र में सबसे बड़ी महिला इतनी झगड़ालू थी कि उससे कोई सूचना नहीं मिल सकी।